
पारंपरिक फलाहारी ढोकला
पारंपरिक व्यंजन · भारतीय
यह पारंपरिक फलाहारी ढोकला व्रत के दौरान खाए जाने वाले सामग्री से बनाया जाता है। यह हल्का, स्पंजी और स्वादिष्ट होता है, जो इसे व्रत के लिए एक उत्तम नाश्ता बनाता है।
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सामग्री
- बरसात बाजरे का आटा (या समा के चावल का आटा)1 कप
- दही1/2 कप
- अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट1 बड़ा चम्मच
- नींबू का रस1 बड़ा चम्मच
- ईनो फ्रूट सॉल्ट1 छोटा चम्मच
- नमकस्वादानुसार
- पानीआवश्यकतानुसार
- तेल1 बड़ा चम्मच
- राई (सरसों के बीज)1 छोटा चम्मच
- सफेद तिल1 छोटा चम्मच
- हरी मिर्च (कटी हुई)2-3
- करी पत्ता8-10
- कद्दूकस किया हुआ नारियल2 बड़े चम्मच
- ताजा हरा धनिया (कटा हुआ)2 बड़े चम्मच
चरण
- 1
एक बड़े कटोरे में बरसात बाजरे का आटा, दही, अदरक-हरी मिर्च का पेस्ट, नींबू का रस और नमक मिलाएं। धीरे-धीरे पानी डालकर एक चिकना, गाढ़ा घोल बना लें।
- 2
घोल को 15-20 मिनट के लिए ढककर रख दें।
- 3
ढोकला स्टीमर या एक बड़े बर्तन में पानी उबालें। ढोकला बनाने वाले टिन को तेल से चिकना कर लें।
- 4
जब घोल तैयार हो जाए, तो उसमें ईनो फ्रूट सॉल्ट मिलाएं और अच्छी तरह फेंटें। घोल तुरंत फूल जाएगा।
- 5
फूले हुए घोल को तुरंत चिकना किए हुए टिन में डालें।
- 6
टिन को उबलते पानी वाले बर्तन में रखें और 15-20 मिनट तक या टूथपिक साफ निकलने तक भाप में पकाएं।
- 7
ढोकला को ठंडा होने दें, फिर उसे चौकोर टुकड़ों में काट लें।
- 8
एक छोटे पैन में तेल गरम करें। राई, तिल, कटी हुई हरी मिर्च, करी पत्ता डालें और तड़का तैयार करें।
- 9
तड़के को ढोकला के ऊपर समान रूप से फैलाएं।
- 10
कद्दूकस किए हुए नारियल और ताजे हरे धनिये से गार्निश करें।



