वापस
पारंपरिक जादोह
90 मिसमय
कठिनकठिनाई
4सर्विंग
रेटिंग

पारंपरिक जादोह

पारंपरिक व्यंजन · मेघालय

यह पारंपरिक जादोह की एक प्रामाणिक विधि है, जो मेघालय का एक लोकप्रिय चावल और मांस का व्यंजन है। इसे अक्सर विशेष अवसरों पर परोसा जाता है।

इस रेसिपी को रेट करें

1 से 5 स्टार चुनें। हर रेसिपी को केवल एक बार रेट किया जा सकता है।

अभी कोई रेटिंग नहीं है।

सामग्री

  • बासमती चावल2 कप
  • पोर्क बेली500 ग्राम
  • प्याज2 मध्यम
  • अदरक-लहसुन का पेस्ट2 बड़े चम्मच
  • हल्दी पाउडर1 छोटा चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर1 छोटा चम्मच
  • धनिया पाउडर1 छोटा चम्मच
  • जीरा पाउडर1/2 छोटा चम्मच
  • हरी मिर्च2-3
  • टमाटर1 मध्यम
  • पानी4 कप
  • नमकस्वादानुसार
  • तेल2 बड़े चम्मच
  • ताजा धनिया पत्तीगार्निश के लिए

चरण

  1. 1

    चावल को धोकर 30 मिनट के लिए भिगो दें। पोर्क बेली को छोटे टुकड़ों में काट लें।

  2. 2

    एक भारी तले वाले पैन में तेल गरम करें। कटे हुए पोर्क बेली को डालकर सुनहरा होने तक भूनें।

  3. 3

    भुने हुए पोर्क में कटा हुआ प्याज, अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर सुनहरा होने तक भूनें।

  4. 4

    हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, जीरा पाउडर डालकर एक मिनट तक भूनें।

  5. 5

    कटे हुए टमाटर और हरी मिर्च डालकर नरम होने तक पकाएं।

  6. 6

    भिगोए हुए चावल और पानी डालें। नमक स्वादानुसार मिलाएं।

  7. 7

    मिश्रण को उबाल लें, फिर आंच धीमी कर दें, ढक दें और चावल के पकने और पानी के सूखने तक लगभग 20-25 मिनट तक पकाएं।

  8. 8

    आंच बंद कर दें और 10 मिनट के लिए ढककर रख दें।

  9. 9

    ताजी धनिया पत्ती से गार्निश करके गरमागरम परोसें।

मिलती-जुलती रेसिपी

आपको ये Dishkin रेसिपी भी पसंद आ सकती हैं।

पारंपरिक कंडाली का साग
पारंपरिक व्यंजन

पारंपरिक कंडाली का साग

यह कंडाली (बिच्छू बूटी) के साग की पारंपरिक विधि है, जिसे धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि इसका पौष्टिक स्वाद बना रहे।

60 मि

कंडाली (बिच्छू बूटी) · लहसुन · अदरक · हरी मिर्च

कंडाली का साग मक्के की रोटी के साथ
85% प्रामाणिक

कंडाली का साग मक्के की रोटी के साथ

यह पारंपरिक कंडाली का साग है जिसे मक्के की रोटी के साथ परोसा जाता है, जो उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों का एक लोकप्रिय संयोजन है।

75 मि

कंडाली (बिच्छू बूटी) · लहसुन · अदरक · हरी मिर्च

झटपट मंडुआ रोटी (तवे पर)
80% प्रामाणिक

झटपट मंडुआ रोटी (तवे पर)

यह मंडुआ की रोटी का एक सरल संस्करण है जिसे बिना किसी झंझट के तवे पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह उन दिनों के लिए एकदम सही है जब आपके पास समय कम हो।

20 मि

मंडुआ का आटा · गेहूं का आटा · पानी · नमक

पारंपरिक मंडुआ की रोटी
पारंपरिक व्यंजन

पारंपरिक मंडुआ की रोटी

यह मंडुआ (रागी) के आटे से बनी एक पौष्टिक और पारंपरिक रोटी है, जो उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मुख्य भोजन है। इसे सादा या घी लगाकर परोसा जाता है।

25 मि

मंडुआ का आटा · गरम पानी · नमक · घी (वैकल्पिक)