
पारंपरिक कंडाली का साग
पारंपरिक व्यंजन · उत्तराखंडी
यह कंडाली (बिच्छू बूटी) के साग की पारंपरिक विधि है, जिसे धीमी आंच पर पकाया जाता है ताकि इसका पौष्टिक स्वाद बना रहे।
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सामग्री
- कंडाली (बिच्छू बूटी)500 ग्राम
- लहसुन10-12 कलियाँ
- अदरक1 इंच टुकड़ा
- हरी मिर्च2-3
- प्याज1 मध्यम
- सरसों का तेल2 बड़े चम्मच
- जीरा1 छोटा चम्मच
- हल्दी पाउडर1/2 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर1 छोटा चम्मच
- नमकस्वादानुसार
- पानीआवश्यकतानुसार
- घी1 छोटा चम्मच (गार्निश के लिए)
चरण
- 1
कंडाली को अच्छी तरह धो लें और मोटे डंठल हटा दें। इसे उबलते पानी में 5-7 मिनट के लिए ब्लांच करें, फिर तुरंत ठंडे पानी में डालें। पानी निचोड़ कर बारीक काट लें।
- 2
लहसुन, अदरक और हरी मिर्च को दरदरा कूट लें। प्याज को बारीक काट लें।
- 3
एक कड़ाही में सरसों का तेल गरम करें। जीरा डालें और तड़कने दें।
- 4
कटा हुआ प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
- 5
कुटा हुआ लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर एक मिनट तक भूनें।
- 6
हल्दी पाउडर और धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
- 7
कटी हुई कंडाली और नमक डालें। अच्छी तरह मिलाएँ।
- 8
थोड़ा पानी डालकर ढककर धीमी आंच पर 20-25 मिनट तक पकाएं, जब तक कि साग नरम न हो जाए और तेल अलग न होने लगे।
- 9
गरमागरम साग को घी डालकर परोसें।



