
पारंपरिक राजगिरा कढ़ी
पारंपरिक व्यंजन · भारतीय
यह एक पारंपरिक राजगिरा कढ़ी है जो व्रत या उपवास के दौरान खाई जाती है। इसमें राजगिरा का आटा दही में मिलाकर पकाया जाता है और विशेष मसालों का प्रयोग किया जाता है।
इस रेसिपी को रेट करें
1 से 5 स्टार चुनें। हर रेसिपी को केवल एक बार रेट किया जा सकता है।
अभी कोई रेटिंग नहीं है।
सामग्री
- राजगिरा का आटा1/2 कप
- दही2 कप
- पानी3 कप
- हरी मिर्च2-3 बारीक कटी हुई
- अदरक1 इंच कद्दूकस किया हुआ
- जीरा1 छोटा चम्मच
- हींग1/4 छोटा चम्मच
- घी1 बड़ा चम्मच
- हरा धनिया2 बड़े चम्मच बारीक कटा हुआ
- नमकस्वादानुसार
चरण
- 1
एक कटोरे में राजगिरा का आटा और दही को अच्छी तरह फेंट लें ताकि कोई गांठ न रहे।
- 2
इसमें 3 कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें।
- 3
एक कड़ाही में घी गरम करें। जीरा और हींग डालें। जब जीरा चटकने लगे तो हरी मिर्च और अदरक डालकर कुछ सेकंड भूनें।
- 4
धीरे-धीरे दही और आटे का मिश्रण कड़ाही में डालें, लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं।
- 5
नमक डालें और कढ़ी को धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए तब तक पकाएं जब तक कि वह गाढ़ी न हो जाए और उसमें उबाल न आने लगे (लगभग 10-15 मिनट)।
- 6
कढ़ी को आंच से उतार लें और बारीक कटे हरे धनिये से गार्निश करें।



