
पारंपरिक पुलियोगरे
पारंपरिक व्यंजन · दक्षिण भारतीय
यह पुलियोगरे का पारंपरिक और प्रामाणिक संस्करण है, जो इमली के खट्टेपन, भुने हुए मसालों की सुगंध और चावल के दानेदार टेक्सचर का एक आदर्श मिश्रण है। इसे विशेष अवसरों पर बनाया जाता है।
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सामग्री
- पके हुए चावल4 कप
- इमली का गूदा1/2 कप
- मूंगफली1/4 कप
- करी पत्ते15-20
- सूखी लाल मिर्च4-5
- हल्दी पाउडर1 छोटा चम्मच
- धनिया पाउडर1 छोटा चम्मच
- जीरा पाउडर1/2 छोटा चम्मच
- राई (सरसों के दाने)1 छोटा चम्मच
- उड़द दाल1 छोटा चम्मच
- चना दाल1 छोटा चम्मच
- तिल1 छोटा चम्मच
- हींग1/4 छोटा चम्मच
- तिल का तेल3 बड़े चम्मच
- नमकस्वादानुसार
चरण
- 1
चावल को पकाकर ठंडा कर लें।
- 2
एक पैन में तिल का तेल गरम करें। राई, उड़द दाल, चना दाल और तिल डालें। दालों को सुनहरा होने तक भूनें।
- 3
सूखी लाल मिर्च, हींग और करी पत्ते डालें। कुछ सेकंड के लिए भूनें।
- 4
हल्दी पाउडर, धनिया पाउडर और जीरा पाउडर डालें। अच्छी तरह मिलाएँ।
- 5
इमली का गूदा और नमक डालें। अच्छी तरह मिलाएँ और 2-3 मिनट तक पकाएँ जब तक कि मिश्रण गाढ़ा न हो जाए।
- 6
भुनी हुई मूंगफली डालें और मिलाएँ।
- 7
तैयार पुलियोगरे मसाले को पके हुए चावल में डालें। हल्के हाथ से मिलाएँ ताकि चावल के दाने टूटे नहीं।
- 8
गरमागरम परोसें।



